शुक्रवार, 27 मार्च 2009

जमशेदपुर में नाट्योंत्सव

विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर 'जमशेदपुर थियेटर एशोसियेसन,जमशेदपुर ' के द्वारा नाट्योंत्सव का आयोजन 27,28,29 मार्च को किया जा रहा है जिसके प्रथम दिवस नाट्य संस्था 'पथ' की प्रस्तुति विजय तेंदुलकर लिखित एवं मो० निजाम निर्देशित 'कन्यादान' का मंचन किया जायेगा। 28 मार्च को दक्षिण भारतीय महिला समाज के द्वारा नाटक 'अमावस्या आई।ए।एस।' एवं 29 मार्च को नाटक नाट्य संस्था 'निशान' के द्वारा देवाशीष मजुमदार लिखित एवं श्याम कुमार द्वारा निर्देशित 'ताम्रपत्र' तथा नाट्य संस्था 'कला' की प्रस्तुति प्रेमचंद की कहानी 'कफ़न' का मंचन बंगला भाषा में चन्दन चन्द्र के निर्देशन में किया जायेगा
महोत्सव में २७ मार्च को विजय तेंदुलकर रचित मराठी नाटक 'कन्यादान' का हिंदी रूपांतर मो० निजाम के निर्देशन में मिलानी हॉल, जमशेदपुर में किया गया ,नाटक की कथावस्तु मनुष्य का मनुष्य पर खुद को श्रेष्ठ साबित करने की कोशिश एवं उच्च वर्ग तथा निम्न वर्ग की कहानी है, जिसका सफलता पूर्वक मंचन नाट्य संस्था 'पथ' के कलाकारों अभिषेक कुमार, नुरुल अमिन, एन. राय के द्वारा किया गया. इसी दिन बंगला नाटक 'आहा रे मोरंग' का मंचन वाई. के. इ.सुरेश के निर्देशन में किया गया. नाटक की कहानी काफी इंट्रेस्टिंग है अपनी प्रेमिका को चाहने और उसे पाने की लालच में बेटा अपने पिता को मरना चाहता है क्योंकि पिता के नाम इन्सुरेंस है जिसके मरने पर पैसो का भुगतान बेटा को होगा अंत में पिता परेशान होकर आत्महत्या कर लेता है .... 28 मार्च को दक्षिण भारतीय महिला समाज, जमशेदपुर की प्रस्तुति अमावस्या आई. ई.एस.रही जिसके लेखक एवं निर्देशक लक्ष्मी वरदराजन थी नाटक महिला शिक्षा,सामाजिक पर आधारित था नाटक में मुख्य किरदारों में एम्. सी. एस. शिवा, गौरी शिवा, दर्शाना,आनंद,स्विश, ए. आर. गोपाल, आर.जयंती, बालाकृष्णन, रामचंद्रन, प्रिय नागराजन, लावण्या..... आदि थे नाटक की प्रस्तुति सराहनीय रही.

10 टिप्‍पणियां:

  1. soochna ke liye dhanyvaad.........suraj bhayi.........ise main apne blog par laga rahaa hun......!!

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  2. blogjagat mein aapkaa swaagat hai, isee tarah jude rahein aur likhte rahein.

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  3. ब्लोगिंग जगत में स्वागत है
    लगातार लिखते रहने के लि‌ए शुभकामना‌एं
    कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
    http://www.rachanabharti.blogspot.com
    कहानी,लघुकथा एंव लेखों के लि‌ए मेरे दूसरे ब्लोग् पर स्वागत है
    http://www.swapnil98.blogspot.com
    रेखा चित्र एंव आर्ट के लि‌ए देखें
    http://chitrasansar.blogspot.com

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  4. बहुत सुन्दर आपका हिंदी ब्लॉग जगत में स्वागत है ........

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  5. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  6. *मैं भी चाहता हूँ की हुस्न पे ग़ज़लें लिखूँ*
    *मैं भी चाहता हूँ की इश्क के नगमें गाऊं*
    *अपने ख्वाबों में में उतारूँ एक हसीं पैकर*
    *सुखन को अपने मरमरी लफ्जों से सजाऊँ ।*


    *लेकिन भूख के मारे, ज़र्द बेबस चेहरों पे*
    *निगाह टिकती है तो जोश काफूर हो जाता है*
    *हर तरफ हकीकत में क्या तसव्वुर में *
    *फकत रोटी का है सवाल उभर कर आता है ।*


    *ख़्याल आता है जेहन में उन दरवाजों का*
    *शर्म से जिनमें छिपे हैं जवान बदन *
    *जिनके **तन को ढके हैं हाथ भर की कतरन*
    *जिनके सीने में दफन हैं , अरमान कितने *
    *जिनकी **डोली नहीं उठी इस खातिर क्योंकि*
    *उनके माँ-बाप ने शराफत की कमाई है*
    *चूल्हा एक बार ही जला हो घर में लेकिन *
    *सिर्फ़ मेहनत की खायी है , मेहनत की खिलाई है । *


    *नज़र में घुमती है शक्ल उन मासूमों की *
    *ज़िन्दगी जिनकी अँधेरा , निगाह समंदर है ,*
    *वीरान साँसे , पीप से भरी धंसी आँखे*
    *फाकों का पेट में चलता हुआ खंज़र है ।*

    *माँ की छाती से चिपकने की उम्र है जिनकी*
    *हाथ फैलाये वाही राहों पे नज़र आते हैं ।*
    *शोभित जिन हाथों में होनी थी कलमें *
    *हाथ वही बोझ उठाते नज़र आते हैं ॥ *


    *राह में घूमते बेरोजगार नोजवानों को*
    *देखता हूँ तो कलेजा मुह चीख उठता है*
    *जिन्द्के दम से कल रोशन जहाँ होना था*
    *उन्हीं के सामने काला धुआं सा उठता है ।*


    *फ़िर कहो किस तरह हुस्न के नगमें गाऊं*
    *फ़िर कहो किस तरह इश्क ग़ज़लें लिखूं*
    *फ़िर कहो किस तरह अपने सुखन में*
    *मरमरी लफ्जों के वास्ते जगह रखूं ॥*


    *आज संसार में गम एक नहीं हजारों हैं*
    *आदमी हर दुःख पे तो आंसू नहीं बहा सकता ।*
    *लेकिन सच है की भूखे होंठ हँसेंगे सिर्फ़ रोटी से*
    *मीठे अल्फाजों से कोई मन बहला नही सकता । । *

    *Kavyadhara Team*
    *(For Kavi Deepak Sharma)*
    *http://www.kavideepaksharma.co.in*
    *http://kavideepaksharma.blogspot.com*
    *http://sharyardeepaksharma.blogspot.com*

    *( उपरोक्त नज़्म काव्य संकलन falakditpti से ली गई है )*
    *All right reserved with poet.Only for reading not for any commercial use.*

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  7. achchha kar rahe hain, my Email is adg9868573886@gmail.com , hamlog Ranchi me 1st May'2009 ko ek bada program kar rahen hain, hamlogon ne Jharkhand me ek nae sanskritik ladae ke liye 'Jharkhand Peoples Republic of India' banane ja rahe hain.Ashaa hai ki isme apke Natak Team ki madad melegi.
    Arun

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  8. आपका स्वागत है..... हिंदी ब्लॉग की दुनिया में.
    आप अच्छा लिखते है.. लिखते रहिये....

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